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धर्मगुरु सम्मेलन-पुरुष नसबंदी कार्यक्रम में धर्मगुरुओं की महत्वपूर्ण भूमिका

5th January 2019   ·   0 Comments

लखनऊ. मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में पुरुष नसबंदी पर “एक सार्थक कल की शुरुआत, परिवार नियोजन के साथ” विषय पर धर्मगुरु सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुये मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने धर्मगुरुओं से सहयोग मांगते हुये कहा कि कहा कि परिवार नियोजन कार्यक्रम में पुरुषों की सहभागिता भी उतनी ही आवश्यक है जितनी कि महिलाओं की। कार्यक्रम में अपेक्षित सफलता आपके सहयोग से ही प्राप्त की जा सकती है।

मनकामेश्वर मंदिर की महंत देव्यागिरि ने कहा कि कार्यक्रम की सार्थकता तभी है जब समुदाय में सभी कि सहभागिता हो। हमें परिवार नियोजन में महिला नसबंदी के साथ ही अन्य विधियों के उपयोग पर भी बल देना चाहिए।.तो उस काम को सफलतापूर्वक करने मे सहयोग मिलता है मौलाना खालिद रशीद, फिरंगी महल ने कहा कि साक्षारता बढ़ाकर ही इस कार्यक्रम में सफलता पा सकते हैं, जब समाज का शैक्षिक स्तर बढ़ेगा तब हमें जागरूकता कार्यक्रमों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। धार्मिक व सामाजिक रूप से हमें अपनी जिम्मेदारी को समझना होगा। मुख्य चिकित्साधिकारी की टीम बेहतरीन काम करने की कोशिश कर रही है, जब किसी काम को मजहब से जोड़ दिया जाता है तो उस काम को सफलतापूर्वक करने मे सहयोग मिलता है।

जनसंख्या नियंत्रण में समान भागीदारी होती है

सिक्ख समुदाय से गोमती नगर गुरुद्वारा से ज्ञानी मंजीत सिंह व ईसाई समुदाय से पादरी फादर पास्कल ने महिला पुरुष समानता पर बल देते हुए कहा कि जब पति-पत्नी समान रूप से परिवार के मुखिया होते हैं अत: परिवार के सभी निर्णयों में उनकी समान सहभागिता होनी चाहिए। किंग जार्ज मेडिकल यूनीवर्सिटी के यूरोलोजी विभाग में पुरुष नसबंदी विभाग के हेड डॉ. नन्दन दशीला ने कहा कि लखनऊ में धर्मगुरु सम्मेलन 24 वर्ष बाद हो रहा है। 1995 में किंग जार्ज मेडिकल यूनीवर्सिटी में इस सम्मेलन का आयोजन किया गया था। जनसंख्या नियंत्रण में महिलाओं व पुरुषों की समान भागीदारी होती है। महिला साक्षरता बढ़ाकर हम परिवार नियोजना कार्यक्रम में सफलता पा सकते हैं।

 

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