Filed Under:  TOP NEWS

अगस्ता वेस्टलैंड / भाजपा का सवाल- भ्रष्टाचार के हर विदेशी आरोपी का संबंध कांग्रेस के पहले परिवार से क्यों होता है?

31st December 2018   ·   0 Comments

  • ईडी ने शनिवार को कोर्ट में कहा था- मिशेल ने ‘श्रीमती गांधी’ का नाम लिया, लेकिन किस संदर्भ में यह मालूम नहीं
  • ईडी का दावा- मिशेल ने अपने वकील को चोरी-छिपे एक चिट थमाकर पूछा था कि मिसेज गांधी से जुड़े सवालों के क्या जवाब दूं?
  • कांग्रेस का पलटवार- मोदी सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड को ब्लैकलिस्ट से बाहर कियानई दिल्ली. अगस्ता-वेस्टलैंड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दावे के बाद भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गईं। कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि मामले में सरकारी वकील को मोदी की ओर से जो निर्देश मिल रहे हैं, वो वही कर रहा है। अब हमें किसी भी जांच एजेंसी पर भरोसा नहीं है। वहीं, भाजपा ने सवाल किया है कि भ्रष्टाचार के हर मामले में आरोपी सभी विदेशी नागरिकों का संबंध कांग्रेस के ‘पहले परिवार’ से क्यों होता है?

     

    ईडी ने शनिवार को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में कहा था कि बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल ने अपने वकील को चोरी-छिपे एक चिट थमाकर पूछा था कि मिसेज गांधी से जुड़े सवालों के क्या जवाब दूं? ईडी ने दावा किया कि अगस्ता वेस्टलैंड को भेजे पत्र में मिशेल ने कहा था कि इटली की महिला का बेटा “एक बड़ा आदमी आर’ अगला पीएम बनने जा रहा है। मिशेल ने इन लोगों का नाम किस सिलसिले में लिया और यह दोनों कौन हैं? इस बारे में ईडी ने कुछ नहीं बताया। हालांकि, इन संक्षिप्त नामों को सोनिया और राहुल गांधी से जोड़ा जा रहा है।

    दो दावे… मिसेज गांधी और “आर’ को लेकर 
    1- ईडी ने बताया कि 27 दिसंबर को मिशेल ने मिसेज गांधी का जिक्र किया था। मेडिकल जांच के दौरान उसने अपने वकील एल्जो जोसेफ को एक मुड़ा कागज दिया। वकील ने फोन के नीचे छिपाकर जेब में रख लिया। कागज की जांच के बाद पता चला कि इसमें मिसेज गांधी से जुड़े फॉलोअप सवाल हैं।

     

    2- ईडी के वकील एलडी सिंह ने कोर्ट में कहा कि मिशेल ने अगस्ता वेस्टलैंड को भेजे एक पत्र में कहा था कि इटली की महिला का बेटा एक बड़ा आदमी ‘आर’ अगला पीएम बनने जा रहा है। ऐसे कोड समझने के लिए इन दस्तावेजों को पढ़ने की जरूरत है।

     

    राजनीतिक रंग दे रही है कांग्रेस

    भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर मिशेल को बचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा- कांग्रेस इस मामले को राजनीतिक रंग दे रही है। जांच होने दीजिए, अगस्ता वेस्टलैंड मामले में सबकुछ स्पष्ट हो जाएगा। त्रिवेदी ने कहा, ”जो लोग आर्थिक मामलों में जानकारी के लिए हल्ला मचाते थे, वे अब उस विदेशी नागरिक को बचाने के लिए कार्य कर रहे हैं, जो भ्रष्टाचार में मिला हुआ है।”

     

    इससे पहले केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शनिवार को कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- “कांग्रेस सरकार घोटालों की सरकार थी। उस दौरान जल, थल, आकाश सभी जगहों पर घोटाले हुए। वह ऐसा राज था, जिसमें देश को लूटने का काम हुआ। यही कहानी थी कि चोर इतना शोर क्यों मचा रहा है, चोर मचाए शोर।”

     

    मोदी सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड को ब्लैकलिस्ट से बाहर क्यों किया- कांग्रेस

    कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने रविवार को भाजपा पर पलटवार किया। उन्होंने पूछा- “सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड को ब्लैकलिस्ट से बाहर क्यों किया? उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार अगस्ता की सहकारी कंपनी है। मोदी ने कंपनी को मेक इन इंडिया योजना का हिस्सा बनाया। मोदी सरकार अपनी कपटी भूमिका छिपाने के लिए बचाओ में जुट गई है।”

     

    सुरजेवाला ने कहा, “अगस्ता वेस्टलैंड और उसकी पेरेंट कंपनी को ब्लैकलिस्ट से हटा दिया गया। मोदी ने कंपनी को नौसेना के लिए 100 नौसैनिक हेलीकॉप्टरों के लिए बोली लगाने की अनुमति दी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मोदी सरकार अगस्ता वेस्टलैंड के खिलाफ सभी मामले हार गई लेकिन दोबारा अपील नहीं की गई।”

  • मिशेल पर 225 करोड़ की दलाली का आरोप
  • मिशेल पर वीवीआईपी हेलिकॉप्टर सौदे में 225 करोड़ रुपए की दलाली लेने का आरोप है। इस मामले में पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी भी आरोपी हैं।
  • मिशेल पर आरोप था कि उसने बिचौलिए की भूमिका निभाते हुए भारतीय अफसरों को गलत तरीक से पैसा दिया था। पिछले साल सितंबर में मिशेल के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई थी।
  • उसके खिलाफ 24 सितंबर 2015 को गैर जमानती वॉरंट जारी किया गया था। फरवरी 2017 में उसके खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया। मिशेल को दुबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद से वह यूएई की जेल में ही था।
  • मिशेल पर आपराधिक साजिश का आरोप लगा था, जिसमें एसपी त्यागी, उनके परिवार के सदस्यों और अफसरों को भी शामिल किया गया था। यह भी कहा गया कि अधिकारियों ने अपने पद का गलत इस्तेमाल करके वीवीआईपी हेलिकॉप्टर की सर्विस सीलिंग 6 हजार मीटर से 4500 मीटर तक कम करा ली थी।
  • सीलिंग कम होने के बाद 556.262 मिलियन यूरो (करीब 44 लाख करोड़ रुपए) के हेलिकॉप्टर कॉन्ट्रैक्ट पर सहमति बनी थी। इसके लिए रक्षा मंत्रालय (यूपीए 2) ने 8 फरवरी 2010 को 12 वीवीआईपी हेलिकॉप्टरों के लिए पैसे दिए थे।
  •  रक्षा सौदों में बिचौलिए की भूमिका निभाता था मिशेल
    मिशेल कंपनी में 1980 से काम कर रहा था। उसके पिता भी कंपनी में भारतीय क्षेत्र के मामलों के लिए सलाहकार रहे थे। सीबीआई का कहना है कि मिशेल का भारत का काफी आना-जाना था। वह रक्षा सौदों में वायुसेना और रक्षा मंत्रालय के बीच बिचौलिए की भूमिका निभाता था। मिशेल को वायुसेना और रक्षा मंत्रालय के अफसरों से सूचनाएं मिलती थीं। इनको वह फैक्स के जरिए इटली और स्विट्जरलैंड भेजता था। इस मामले में एसपी त्यागी को 2016 में गिरफ्तार किया गया था। त्यागी पर आरोप है कि उन्होंने डील को इस तरह प्रभावित किया कि कॉन्ट्रैक्ट इटली की अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी को ही मिले।

By

Readers Comments (0)


Comments are closed.

Latest Articles