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गहलोत सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में लिए गए अहम फैसले, जानने के लिए यहां पढ़ें |

29th December 2018   ·   0 Comments

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में शनिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई मंत्रिमण्डल एवं मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में सबसे पहले मुख्यमंत्री ने जन घोषणा पत्र की प्रति मुख्य सचिव को सौंपी। मंत्रिमंडल ने निर्णय किया कि यह जन घोषणा पत्र राज्य सरकार का नीतिगत दस्तावेज होगा और इसकी क्रियान्विति समयबद्ध एवं तत्परता से सुनिश्चित की जाए। इसके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु मंत्रिमण्डलीय समिति का गठन करने के लिए सर्वसम्मति से मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया।बैठक में डॉ. भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय और हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय को फिर शुरु, सामाजिक सुरक्षा के तहत वृद्धावस्था पेंशन में बढ़ोतरी, सत्ता के विकेंद्रीकरण में प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पंचायतीराज चुनाव में शैक्षणिक योग्यता का प्रावधान समाप्त करने सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

फसली ऋण माफी के लिए अंतर्विभागीय समिति का होगा गठन

मंत्रिमण्डल की बैठक में अल्पकालीन फसली ऋण माफी हेतु अंतर्विभागीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है एवं मुख्यमंत्री को उक्त समिति में सदस्य मनोनीत करने के लिए अधिकृत किया गया है। यह समिति सहकारिता क्षेत्र के बैंक, राष्ट्रीयकृत बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक तथा भूमि विकास बैंक की ऋण माफी के लिए पात्रता एवं मापदण्ड तय करेगी।

डॉ. अम्बेडकर विधि विवि एवं हरिदेव जोशी पत्रकारिता विवि फिर शुरू होंगे

ठक में निर्णय लिया गया कि पूर्ववर्ती सरकार के समय बंद किए गए डॉ. भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय और हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय को पुनः प्रारम्भ किया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि स्थानीय निकाय चुनावों में मेयर, सभापति एवं अध्यक्ष का चुनाव पूर्व की भांति प्रत्यक्ष निर्वाचन पद्धति द्वारा कराया जाएगा।

वृद्धावस्था पेंशन योजना में राशि बढ़ाई

राज्य मंत्रिपरिषद् ने बैठक में अहम फैसला करते हुए वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत दी जाने वाली पेंशन राशि प्रतिमाह 500 रुपए से बढ़ाकर 750 रुपए तथा 750 रुपए से बढ़ाकर एक हजार रुपए किया है।

संविदाकर्मियों की समस्याएं दूर करने के लिए कमेटी का गठन

बैठक में निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार में संविदाकर्मियों, एनआरएचएम कर्मियों, पैराटीचर्स, उर्दू पैराटीचर्स, लोक जुम्बिश कर्मियों, आंगनबाड़ी कर्मियों, शिक्षाकर्मियों, विद्यार्थी मित्रों, पंचायत सहायकों आदि के अंतर्गत कार्यरत कार्मिकों की समस्याओं के समाधान के लिए कमेटी का गठन किया जाए। यह कमेटी इन सभी कार्मिकों की सुनवाई कर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए त्वरित निर्णय करेगी। इस समिति का गठन मुख्यमंत्री के द्वारा किया जाएगा।

जनता की सुनवाई होगी सुनिश्चित

राज्य मंत्रिपरिषद् की बैठक में निर्णय किया गया कि राजस्थान लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम, 2011 तथा राजस्थान सुनवाई का अधिकार अधिनियम, 2012 का साथ-साथ उपयोग कर शासन में पारदर्शिता, जवाबदेही, संवेदनशीलता से आमजन की सुनवाई को सुनिश्चित किया जाएगा।

चुनाव में न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता की शर्त होगी समाप्त

ठक में यह भी निर्णय किया गया है कि पूर्ववर्ती सरकार के समय पंचायतीराज एवं स्थानीय निकाय चुनावों हेतु शैक्षणिक योग्यता का जो मापदण्ड निर्धारित किया गया था। सत्ता के विकेंद्रीकरण में प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए इस प्रावधान को समाप्त किया जाएगा। ताकि चुनावों में सभी नागरिक चुनाव लड़ने का अधिकार प्राप्त कर सकें।

रिफाइनरी के काम को देंगे गति

बैठक में निर्णय लिया गया कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के समय प्रारम्भ महत्वाकांक्षी परियोजना बाड़मेर रिफायनरी का काम तीव्र गति से एवं समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाएगा।

मंत्री प्रतिदिन करेंगे जनसुनवाई

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार के सभी मंत्री अपने आवास पर प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से 10 बजे तक प्रभावी जनसुनवाई सुनिश्चित करेंगे।

हले की तरह होंगे राज्य सरकार के लैटरपेड

करीब एक साल पहले भाजपा ने सरकार में रहते हुए सरकारी लेटर पैड पर दीनदयाल उपाध्याय का फोटो लगाना अनिवार्य किया था। सरकार ने अब इस आदेश को निरस्त कर दिया है। अब पहले की तरह ही लेटरपेड चलाए जाएंगे।

नरेगा के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव को निर्देश

बैठक में यह भी निर्णय किया गया कि मनरेगा का राज्य में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता रहेगी। इस के लिए मुख्य सचिव को निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द कार्य योजना बनाकर प्रस्तुत करें।

 

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