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शिक्षा राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने दिए शिक्षा नीति में बदलाव के संकेत, 26 हजार शिक्षकों की भर्ती को लेकर बोले ये बात

27th December 2018   ·   0 Comments

शिक्षा राज्य मंत्री बनने के बाद गृह जिला पहुंचे गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा को निशाने पर लेते हुए शिक्षा विभाग में ‘सब ठीक करने’ की बात कही है। सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए डोटासरा ने कहा कि भाजपा सरकार ने शिक्षा विभाग में आरएसएस की विचारधारा को थोंपेत हुए राजनीतिक दुर्भावना से पाठ्यक्रम में बदलाव और शिक्षकों का तबादला किया था। काफी संख्या में सरकारी स्कूल भी बंद किए। जिससे बच्चों से लेकर शिक्षकों तक की परेशानी बढ़ी।लेकिन, अब वह एकीकरण और तबादला सहित सभी नीतियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देशन में सब ठीक करेंगे। उन्होंने आरटीई के तहत गरीब बच्चों की शिक्षा की नीति को आगे बढ़ाने और राजीव गांधी पाठशालाओं को बंद करने की समीक्षा करने की बात भी कही।मंत्रिमंडल के गठन के बाद विभागों के बंटवारे में देरी के सवाल पर डोटासरा का कहना था कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। महत्वपूर्ण विषयों पर कुछ समय लग ही जाता है। जवाब को भाजपा के खिलाफ मोड़ते हुए कहा कि उन्हें तो प्रदेशाध्यक्ष चुनने में ही 70 दिन लग गए थे।

26 हजार शिक्षकों की होगी भर्ती

प्रेसवार्ता में रीट के जरिए 26 हजार तृतीय श्रेणी शिक्षकों की अटकी भर्ती पर भी सवाल किया गया। जिस पर उन्होंने कहा कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है। जैसे ही मामले मे कोई निर्णय होगा, उसका सम्मान करते हुए फैसला लिया जाएगा।

शेखावाटी जन्म स्थली, बहुत कुछ करेंगे

पर्यटन और देवस्थान विभाग का स्वतंत्र प्रभार होने के नाते हर्ष के विकास पर पूछे गए सवाल पर डोटासरा ने इसके लिए भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और केबिनेट मंत्री विश्वेन्द्र सिंह से बात कर हर्ष के विकास की योजना बनाने की बात कही।

हींं, फतेहपुर और लक्ष्मणगढ़ जैसे स्थलों को भी पर्यटन के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। डोटासरा ने कहा कि शेखावाटी शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में सिरमौर है और यहां विकास के लिए बहुत कुछ करने की आवश्यकता है। जिसके लिए जन्म स्थली होने के नाते भी वह हर कोशिश करेंगे। डोटासरा ने इस दौरान मीडिया से सहयोग बनाए रखने की अपील भी की।

चर्चा में रहा वरिष्ठ विधायकों का नहीं पहुंचना

सर्किट हाउस में फतेहपुर विधायक हाकम अली के अलावा किसी भी विधायक द्वारा डोटासरा की अगवानी के लिए सर्किट हाउस नहीं पहुंचना चर्चा का विषय रहा। इसकी वजह वरिष्ठ होते हुए भी मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने की उनकी नाराजगी को माना गया।

हालांकि प्रेसवार्ता की शुरुआत में ही डोटासरा ने कांग्रेस की एकजुटता का संदेश देते हुए मीडियाकर्मियों से इस पर सवाल का मौका छीन लिया। साथ ही उन्होंने कहा कि वे 2019 में भी राहुल गांधी के नेतृत्व में यूपीए की सरकार बनाएंगे। इस दौरान डोटासरा ने खंडेला विधायक महादेव सिंह द्वारा कांग्रेस को बिना शर्त समर्थन देने का जिक्र भी किया।

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