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विधायक दल आज तय करेगा सीएम

11th December 2018   ·   0 Comments

कांग्रेस ने निर्दलीय और अन्य दलों से साधा संपर्क

जयपुर. राज्य में कांग्रेस ने सरकार बनाने को लेकर कवायद तेज कर दी है। बहुमत का आंकड़ा पूरा करने को लेकर निर्दलीय व अन्य दलों के नेताओं से बातचीत शुरू कर दी है। विधायक दल की बैठक बुधवार सुबह 11 बजे बुलाई गई है।
इस बीच सभी विधायकों को जयपुर बुला लिया गया है। इन्हें ठहराने के लिए एक पांच सितारा होटल में करीब 80 कमरे बुक कराए गए हैं। विधायकों का देर रात यहां पहुंचना शुरू हो गया था।
इधर शाम को प्रेदशाध्यक्ष सचिन पायलट और राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत ने खासाकोठी होटल में एआइसीसी की ओर से भेजे गए पर्यवेक्षक के.सी. वेणुगोपाल व प्रदेश प्रभारी अविनाश पाण्डे से मुलाकात की। इनकी करीब एक घंटे मुलाकात चली।
बाद में सभी मीडिया के सामने आए और कहा कि विधायक दल की बैठक में सभी विधायकों का मत जानने के बाद आलाकमान के नाम से एक प्रस्ताव पास किया जाएगा। उसके बाद ही मुख्यमंत्री के नाम का निर्णय होगा।
प्रदेश प्रभारी अविनाश पाण्डे ने कहा कि प्रदेश की सात करोड़ जनता ने कांग्रेस को जो समर्थन दिया, उसके लिए आभार व्यक्त करते हैं। जनता और सभी कांग्रेसजनों के सामुहिक प्रयासों से अच्छे नतीजे कांग्रेस के पक्ष में आए हैं। राहुल गांधी के नेतृत्व में 5 राज्यों में चुनावों में से तीन राज्यों में कांग्रेस सरकार बनाने जा रही है। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में विधायक दल की बैठक होने जा रही है। इसमें सभी विधायकों से चर्चा के बाद प्रस्ताव आलाकमान के नाम पारित किया जाएगा। विधायकों की भावनाओं को आलाकमान को बताया जाएगा। इसके बाद पुन: शाम को बैठक होगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज्य में मजबूत सरकार देगी और जनता से किए हर वादे को पूरा करने के लिए वचनबद्ध। पाण्डे ने मुख्यमंत्री के नाम को लेकर कहा कि विधायकों के अलावा प्रदेश के वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के मन को भी मुख्यमंत्री नाम तय करने में देखा जाता है।

15 जगह नोटा को जीत-हार के अंतर से ज्यादा वोट पड़े
जयपुर। नोटा को मिले वोट ने अनेक उम्मीदवारों का गणित बिगाड़ दिया, वहीं 15 जगह नोटा व रद्द हुए वोट मिलकर जीत- हार के अंतर से अधिक पहुंच गए। एक जगह नोटा वोट 11 हजार को पार कर गए, वहीं जयपुर के सांगानेर विधानसभा सीट पर नोटा चौथे स्थान पर रहा।
नोटा को इस बार वोट तो पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले करीब एक लाख कम रहा, लेकिन उम्मीदवारों की जीत- हार का गणित बिगाडऩे में इस बार भी कई जगह नोटा की प्रमुख भूमिका रही। लगभग सभी जगह मतदाताओं ने नोटा का इस्तेमाल किया। नोटा को पिछले चुनाव में 5.89 लाख से अधिक वोट मिले, जबकि इस बार आंकड़ा 4.66 लाख से ऊपर है। इस बार नोटा कुल वोटों को 1.3 प्रतिशत है, जबकि कांग्रेस और भाजपा के बीच मतों का अंतर केवल 0.५ प्रतिशत रहा है। सबसे अधिक 11002 नोटा वोट कुशलगढ़ विधानसभा सीट पर डाले गए, जबकि सबसे कम 392 नोटा वोट सूरजगढ़ विधानसभा क्षेत्र में डाले गए। सांगानेर विधानसभा सीट पर दिग्गज नेता घनश्याम तिवाड़ी तीसरे स्थान पर रहे, जबकि वहां नोटा चौथे स्थान पर रहा। कई जगह नोटा तीसरे स्थान पर रहा।

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