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मध्यप्रदेश चुनाव 2018 परिणामः

11th December 2018   ·   0 Comments

कांग्रेस से कांटे की टक्कर में भाजपा के लिए चुनौती बने बागी

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश में चुनाव परिणाम आने बाकी है, रुझानों में कभी भाजपा तो कभी कांग्रेस आगे चल रही है। कई बार तो दोनों की सीटें भी बराबर रही। इसके बाद कभी कांग्रेसियों के चेहरे की हवाई उड़ी तो कभी भाजपाइयों की।

देर रात तक मध्य प्रदेश की स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है कि कौन पार्टी सबसे ज्यादा सीट जीतेगी।

हार जीत की चुनौती के बीच बता दें कि भाजपा ने टिकट वितरण में पहली सूची दो नवंबर को जारी की थी, जिसमें तीन मंत्रियों सहित 34 विधायकों के टिकट काट दिए गए थे। इसके बाद भाजपा में बगावत तेज हो गई। नेता बयानबाजी करने लगे। भाजपा की सभी 230 सीट पर जब टिकट फाइनल हुए तो 5 मंत्रियों सहित मौजूदा 52 विधायकों का नाम लिस्ट में नहीं था।

बताया जा रहा है इस बार टिकट खुद शिवराज सिंह ने फाइनल करवाए थे। जिनके टिकट कटे उनमें से कई नेताओं की बगावत अंत तक नहीं रूकी। नेताओं को काफी समझाने का भी काम किया गया। लेकिन इसका भी असर नहीं हुआ। इस बार भाजपा के 63 बागी मैदान में उतरे।

बगावत करने वालों में पूर्व मंत्री राम कृष्ण कुसमारिया और कन्हैया लाल अग्रवाल सबसे बड़े नाम रहे। भाजपा ने 18 दलबदलुओं को भी मैदान में उतारा था। चुनाव के ठीक पहले भाजाप ने पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू और उनके बेटे अजीत बौरासी को पार्टी में लाकर कांग्रेस को झटका देने की कोशिश की थी। अजीत को आलोट से टिकट भी दिया गया।

इस चुनाव में शिवराज सिंह ने प्रचार करी जिम्मेदारी खुद संभाली थी। इस बार भाजपा ने 182 करोड़ पति प्रत्याशी भी मौदान में उतारे थे।
[9:23 PM, 12/11/2018] Vikas Sharma: आतंकियों ने शोपियां में पुलिस पर किया हमला, 4 जवान शहीद, सर्च ऑपरेशन जारी

श्रीनगर। दक्षिणी कश्मीर के शोपियां जिले में आतंकियों ने मंगलवार को दोपहर पुलिस पोस्ट पर हमला किया, जिसमे चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए। हमले के बाद आतंकी पुलिसकर्मियों के हथियार लेकर फरार हो गए। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने हमले की जिम्मेदारी ली है। जैनापोरा इलाके में कश्मीरी पंडितों के कर्मचारी छात्रावास (अल्पसंख्यक समुदाय) की रक्षा के लिए तैनात पुलिस पोस्ट पर हमला करते हुए आतंकियों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। वहां पांच पुलिसकर्मियों की तैनाती थी, लेकिन जिस वक्त हमला हुआ चार पुलिसकर्मी ही मौजूद थे। अंधाधुंध फायरिंग के कारण पुलिसकर्मियों को जवाबी कार्रवाई का मौका नहीं मिला। मौके पर ही तीन पुलिसकर्मी शहीद हो गए। गंभीर रूप से जख्मी चौथे पुलिसकर्मी को श्रीनगर अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। आतंकी अपने साथ पुलिसकर्मियों की चार राइफल भी ले गए हैं। घटना के तुरंत बाद सेना द्वारा आस-पास के इलाकों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान छेड़ा गया, ताकि फरार आतंकियों को तलाशा जा सके।

हमले में मारे गए पुलिसकर्मियों की शिनाख्त बांदीपोरा के कांस्टेबल मेहराजुद्दीन, फतेहपोरा अनंतनाग के हमीदुल्ला, सुच कुलगाम के अनीस अहमद मीर और शालीबुग गांदरबल के अब्दुल मजीद के तौर पर हुई है। शोपियां हमले में पूर्व विधायक के श्रीनगर स्थित आवास से आठ हथियार लेकर फरार हुए एसपीओ आदिल बशीर का हाथ बताया जा रहा है। जहां हमला हुआ, वहां कश्मीरी पंडितों के छह परिवार रहते हैं। इनकी सुरक्षा के लिए ही पुलिस पोस्ट है। यह संयोग है कि किसी भी पंडित परिवार को नुकसान नहीं पहुंचा। हमले के वक्त केवल एक ही कश्मीरी पंडित का परिवार वहां मौजूद था।
[10:22 PM, 12/11/2018] Vikas Sharma: उदानी की हत्या में शामिल तीन और लोग गिरफ्तार

हीरा कारोबारी का मर्डर केस

अब तक छह आरोपियों को अरेस्ट कर चुकी है पुलिस
उदानी की हत्या में इस्तेमाल कार अब तक नहीं हुई बरामद

मुंबई. घाटकोपर के हीरा कारोबारी राजेश्वर उदानी की हत्या मामले में पंत नगर पुलिस ने मंगलवार रात तीन और लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी पनवेल और मुंबई से की गई है। उदानी की हत्या मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या अब छह हो गई है। सोमवार को पुलिस ने हत्या के लिए इस्तेमाल की गई कार के ड्राइवर को गिरफ्तार किया था। सोमवार को कोर्ट ने उसे चार दिन की पुलिस रिमांड में दिया। पुलिस ने ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है, मगर हत्या के लिए इस्तेमाल की गई कार अभी हाथ नहीं लगी है।
पंतनगर पुलिस ने हीरा कारोबारी उदानी की हत्या के मामले में महेश प्रभाकर भोईर (३१), निखता उर्फ झारा मोहम्मद खान (२०) और साईस्ता सरवर खान उर्फ डॉली (४१) को गिरफ्तार किया है। सोमवार को मॉडल सारा खान से पुलिस ने लंबी पूछताछ की थी। इसी दौरान सारा ने पुलिस को बताया कि प्रैंक फिल्म की शूटिंग के बहाने मेरे सामने ही उस व्यक्ति की दो लोगों ने गला दबा कर हत्या कर दी। सारा के बयान के आधार पर ही पुलिस ने कार ड्राइवर भोईर को पनवेल से गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस ने मंगलवार शाम निखता और साईस्ता को गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों की मानें तो यह तीनों घटना के समय मौजूद थे। हालांकि उदानी की हत्या में इन तीनों की भूमिका के बारे में पुलिस ने कोई जानकारी नहीं दी है।
गौरतलब है कि अभिनेत्री भट्टाचार्य सहित फिल्म और टीवी उद्योग में काम करनेवाले कई कलाकारों से उदानी की हत्या के बारे में पुलिस पूछताछ कर चुकी है। उदानी की हत्या की साजिश सचिन पवार ने रची थी। देवोलीना और सचिन लिव इन रिलेशनशिप में रहते हैं। सूत्रों के मुताबिक देवोलीना पर उदानी की गलत नजर थी, जिससे सचिन खफा था। उसे डर था कि देवोलीना कहीं उसे छोड़ कर उदानी के पास न चली जाए। इसीलिए सचिन ने हीरा कारोबारी की हत्या की साजिश रची थी।
[10:23 PM, 12/11/2018] Vikas Sharma: आम आदमी पार्टी विधायक एचएस फूलका ने स्पीकर को इस्तीफा सौंपा
चंडीगढ . पंजाब विधानसभा के शीतकालीन सत्र के आगामी गुरूवार को
शुरू होने से पहले दाखा से आम आदमी पार्टी के विधायक एचएस फूलका ने
मंगलवार को यहां स्पीकर से मिलकर सदन की सदस्यता से अपना इस्तीफा सौंप
दिया।
स्पीकर ने इस्तीफा मिलने के बाद कहा कि वे इस पर विचार कर सत्र के
दौरान सदन में फैसला सुनाएंगे। इससे पहले पिछले अक्टूबर में फूलका ने
पोस्ट से अपना इस्तीफा स्पीकर को भेजा था। लेकिन नियमानुसार इस्तीफा
व्यक्तिगत तौर पर सौंपना होता है। स्पीकर राणा केपी ने फूलका को इस्तीफे
के मामले में सुनवाई के लिए बुलाया था। स्पीकर से मिलने के बाद फूलका ने
कहा कि उन्होंने निजी तौर पर मिलकर स्पीकर को इस्तीफा सौंप दिया है और वे
इस पर पुनर्विचार नहीं करेंगे। उन्होंने स्पीकर को अनुरोध किया है कि
शीतकालीन सत्र की बैठकों के दौरान सदन को उनके इस्तीफे के बारे में सूचित
किया जाए। स्पीकर ने उन्हें इस्तीफे पर विचार करने का आश्वासन दिया है।
फूलका ने कहा कि वे अब सदन की बैठकों में शामिल नहीं होंगे।
उधर स्पीकर राणा केपी ने कहा कि वे फूलका के इस्तीफे पर विचार
करेंगे और अंतिम फैसला करके सदन को सूचित करेंगे। उल्लेखनीय है कि फूलका
ने पंजाब में वर्ष 2015 के दौरान हुई गुरूग्रंथ साहिब के अपमान की घटनाओं
और इसके विरोध में बेहबल कलां व कोटकपुरा में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते
सिखों पर पुलिस फायरिंग के दोषियों पर कार्रवाई करने के लिए प्रदेश की
मौजूदा कांग्रेस सरकार को अल्टीमेटम दिया था। अल्टीमेटम के तहत उन्होंने
कार्रवाई न करने की स्थिति में विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने का
ऐलान किया था। राज्य सरकार द्वारा कार्रवाई न करने पर फूलका ने पिछले 12
अक्टूबर को विधानसभा की सदस्यता से अपना इस्तीफा पोस्ट से स्पीकर को
भिजवा दिया था।
स्पीकर राणा केपी ने इस मामले में पत्र भेजकर फूलका को मंगलवार को
बुलाया था। फूलका के इस्तीफे के साथ विधानसभा में आम आदमी पार्टी के
विधायकों की संख्या 19 रह जायेगी। इनमें से भी आठ विधायकों ने पार्टी
नेतृत्व के साथ बगावत कर दी है।

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