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5 युवाओं पर कांग्रेस ने जताया भरोसा, भाजपा ने किसी छात्र नेता को नहीं दिया टिकट

18th November 2018   ·   0 Comments

  • 2 यूनिवर्सिटी छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके हैं, 1 एनएसयूआई अध्यक्ष व 2 राजस्थान यूनिवर्सिटी की राजनीति में हाथ आजमा चुके हैं
  • कांग्रेस के इस निर्णय की भाजपा के कई युवा नेता भी दबी जुबान में कर रहे सराहना, साथ ही उनकी पार्टी का एेसा न करने से अफसोस
  • जयपुर. कांग्रेस ने राजस्थान यूनिवर्सिटी की राजनीति से जुड़े 5 नए चेहरों को टिकट दिए हैं। इनमें दो यूनिवर्सिटी छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके है। एक एनएसयूआई अध्यक्ष व दो राजस्थान यूनिवर्सिटी की राजनीति में हाथ आजमा चुके हैं। कांग्रेस द्वारा इस तरह से युवाओं काे प्रमोट किए जाने पर छात्र संगठनों में खुशी की लहर है।
  • भाजपा के कई युवा नेता भी कांग्रेस के इस निर्णय की दबी आवाज में प्रशंसा कर रहे हैं। साथ ही इस बात पर दुख जता रहे हैं कि उनकी पार्टी भी ऐसे कुछ निर्णय करती तो अच्छा रहता। इन चार में से तीन की उम्र 35 वर्ष से कम है। हालांकि, भाजपा ने एमडीएस यूनिवर्सिटी के पूर्व अध्यक्ष विकास चौधरी को किशनगढ़ से टिकट दिया है। लेकिन, राजस्थान यूनिवर्सिटी के किसी भी फ्रेश चेहरे को आगे नहीं लाई है।भाजपा से ये इंतजार करते रहे गए भाजपा से टिकट के प्रबल दावेदार जीतेंद्र मीणा, दूसरी पंक्ति के युवा नेता अमित शर्मा, राजेश मीणा, कानाराम जाट, महेंद्र शेखावत, शंकर गोरा, अखिलेश पारीक, राजकुमार बिवाल सहित कई युवा नेता सिर्फ इस बात का इंतजार करते रह गए कि उनके नाम पर कम से कम चर्चा तो हो। ये सब मजबूती से अपना पक्ष और दावेदारी जता चुके हैं।
  • कांग्रेस के निर्णय की युवाओं में सराहनालंबे समय से भाजपा से जुड़े राजस्थान यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अखिल शुक्ला का कहना है कि बीजेपी अब यूनिवर्सिटी के पूर्व अध्यक्षों को बिलकुल तरजीह नहीं दे रही है। ऐसे में पार्टी से युवाओं को जोड़े रखना कार्यकर्ताओं के लिए परेशानी पैदा करता है। उधर कांग्रेस के इस निर्णय की सराहना होना स्वभाविक है।
  • कॉलेज की राजनीति करते हुए राज्य की पॉलीटिक्स में आए 4 चेहरेपुष्पेंद्र भारद्वाज : सांगानेर से कांग्रेस प्रत्याशी
    2002 में वह राजस्थान यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष रह चुके है। छात्र राजनीति में उनका जुड़ाव लंबे समय से है। पार्टी ने उन्हें घनश्याम तिवाड़ी व भाजपा के अघोषित प्रत्याशी के सामने बड़े विश्वास के साथ खड़ा किया है। 

    मुकेश भाकर : लाडनूं से कांग्रेस प्रत्याशी
    मुकेश भाकर 2010 में मनीष यादव से छात्रसंघ चुनाव हार गए थे। इसके बाद वह एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष बने। पार्टी ने उनकी सक्रियता देख विश्वास जताते हुए उन्हें अब लाडनूं से प्रत्याशी बनाया गया है।

     

    मनीष यादव : शाहपुरा से कांग्रेस प्रत्याशी
    एबीवीपी से वर्ष 2010 में मनीष यादव छात्रसंघ अध्यक्ष रहे, उन्होंने वर्ष 2013 का निर्दलीय चुनाव लड़ा। यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में राजनीति की। इस पर कांग्रेस ने उन्हें शाहपुरा से प्रत्याशी बनाया गया है।

     

    रामनिवास गावड़िया  : परबतसर से कांग्रेस प्रत्याशी
    राजस्थान यूनिवर्सिटी लॉ कॉलेज के अध्यक्ष रह चुके है। वर्ष 2016 में यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव के लिए उनकी अच्छी तैयारी थी। लेकिन लिंगदोह नियमों के कारण वह चुनाव के लिए अपात्र हो गए थे।

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