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धर्म के नाम पर विधायक ने मांगे थे वोट, हाईकोर्ट ने सदस्यता रद्द कर 6 साल का लगाया बैन |

9th November 2018   ·   0 Comments

कोच्चि।

भारत में चुनाव के समय अक्सर धर्म की राजनीतिक देखने को मिलती है। चुनावों के दौरान नेता धर्म के नाम पर लोगों से वोट मांगते हैं, जिसका उन्हें फायदा भी होता है। भारतीय राजनीतिक में धर्म को लेकर सियासत लंबे समय से चली आ रही है, लेकिन ऐसे ही एक मामले में केरल हाईकोर्ट ने बड़ा ही सख्त फैसला सुनाया है। दरअसल, केरल हाईकोर्ट ने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के एक विधायक को अयोग्या करार दे दिया है, जिसके बाद उसकी विधानसभा की सदस्यता खत्म हो गई है। बताया जा रहा है कि इस विधायक ने 2016 के विधानसभा चुनाव में धर्म के नाम पर लोगों से वोट मांगे थे।

हाईकोर्ट ने छह साल तक चुनाव लड़ने पर भी लगाई रोक

शुक्रवार को आए इस अहम फैसले में केरल हाईकोर्ट ने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के विधायक केएम शाजी की सदस्यता को रद्द कर दिया। साथ ही केएम शाजी के अगले 6 साल तक चुनाव लड़ने पर भी रोक लगा दी है। साथ ही आजीकोड़ विधानसभा सीट के लिए दोबारा चुनाव कराने का आदेश दिया है। जस्टिस पी डी रंजन ने केरल विधानसभा के अध्यक्ष और निर्वाचन आयोग को उचित कार्रवाई करने को कहा है।

लेफ्ट उम्मीदवार की याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला

केरल हाईकोर्ट ने ये फैसला एलडीएफ उम्मीदवार एमवी निकेश कुमार की याचिका पर सुनाया है। कुमार ने शाजी के खिलाफ चुनाव लड़ा था। कुमार का आरोप है कि शाजी ने उनके खिलाफ वोट न करने के लिए पैंपलेट बांटे थे। कुमार ने अपनी याचिका में कहा है कि शाजी ने सांप्रदायिक ध्रुवीकरण किया है। सूत्रों की मानें तो केएम शाजी इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं। राज्य में आईयूएमएल कांग्रेस-नीत विपक्ष यूडीएफ का हिस्सा है।k-m-shajee_3687951_835x547-m

 

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