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विधायक बोले: वसुंधरा की दुकान बंद, पायलट का शटर होगा डाउन

10th October 2018   ·   0 Comments

जयपुर।
राजस्थान में 5 साल से लगातार सरकार के खिलाफ जवान और किसान के लिए मोर्चा खोले निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल ने आज भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों पर तीखे सियासी हमले किए हैं।
बेनीवाल ने 29 अक्टूबर को जयपुर में 15 लाख लोगों के साथ ऐतिहासिक रैली करने का एलान करते हुए कहा कि उसी दिन वह राजस्थान में अपनी पार्टी के नाम की घोषणा भी कर देंगे।
राजस्थान सरकार द्वारा हाल ही में किसानों का प्रतिवर्ष ₹10000 तक का बिजली बिल पुनर्भरण करने की घोषणा का जिक्र करते हुए बेनीवाल ने कहा कि हम इस मामले में राजस्थान सरकार से बीते 5 वर्षों मांग कर रहे हैं।
किसानों की कर्ज माफी को भी बेनीवाल ने उनके द्वारा बनाए गए दबाव का नतीजा बताते हुए कहा कि यह नाकाफी योजना है। सरकार को राजस्थान के प्रत्येक किसान का संपूर्ण कर्जा माफ करना चाहिए और कुआं पर लगी बिजली का पूरा बिल माफ करना चाहिए।
कांग्रेस पार्टी पर हमला करते हुए हनुमान बेनीवाल ने कहा कि पार्टी दो नेताओं के बीच मुख्यमंत्री की होड़ को लेकर फंसी हुई है, जबकि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे 5 साल से तानाशाह बनी हुई है, जिसके चलते बीजेपी गर्त में जा चुकी है।
अगले चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा किसी भी सूरत में राजस्थान में वापसी नहीं करेगी, जबकि कांग्रेस पहले ही हार मान चुकी है। ऐसे में उनके द्वारा बनाए जाने वाला तीसरा मोर्चा सरकार बनाएगा और प्रदेश में अगला मुख्यमंत्री किसान होगा।
राजस्थान सरकार की सभी योजनाओं को विफल बताते हुए बेनीवाल ने कहा कि पूर्व में अशोक गहलोत की सरकार भी इसी तरह की चुनावी योजनाएं लेकर आई थी, लेकिन अंत में क्या परिणाम हुआ यह सबके सामने है। वर्तमान सरकार का भी 2 माह बाद होने वाले विधानसभा चुनाव में वही नतीजा निकलने वाला है।
बेनीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे राजस्थान में सभी जातियों से संबंध बता कर वोट बटोर चुकी है, लेकिन अब राज्य की जनता किसान और जवान जाग चुके हैं।
सभी जातियां वसुंधरा से नाराज है, जबकि कांग्रेस पार्टी पहले ही नाकारा साबित हो चुकी है। ऐसे में प्रदेश की जनता तीसरे मोर्चे की तलाश में है, जो मंच हम उपलब्ध करवाएंगे।
बीते 20 बरस का जिक्र करते हुए हनुमान बेनीवाल ने कहा कि राजस्थान में वसुंधरा राजे और अशोक गहलोत मिलकर पांच पांच साल राज करने का गेम खेल रहे हैं। यह दोनों की मिलीजुली सरकार है।
दोनों सरकारों में भ्रष्टाचार को पनपाया पाया जाता है। अगली सरकार आने से पहले भ्रष्टाचारियों को जेल में डाले जाने के वादे किए जाते हैं, लेकिन आज तक किसी भी करप्ट राजनेता या ब्यूरोक्रेट को जेल में नहीं भेजा गया। यह वसुंधरा सरकार और गहलोत सरकार के गठबंधन का नतीजा है।

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