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भाजपा की नीतियों से आहत पूर्व मंत्री ने दिया इस्तीफा

10th October 2018   ·   0 Comments

जयपुर।

राजस्थान में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही सियासी उठापटक तेज हो गई है। राजस्थान सरकार में 2003 से 2008 तक पर्यटन मंत्री रही उषा पूनिया ने आज भारतीय जनता पार्टी छोड़ दी।

जनसंघ, अटल बिहारी वाजपेई, भैरों सिंह शेखावत सहित पूर्व कद्दावर नेताओं से प्रभावित होकर भाजपा में शामिल होने वाली उषा पूनिया ने कहा कि आज पार्टी में किसी भी कार्यकर्ता का काम नहीं होता है, पूरा कार्यालय केवल मिलन स्थल बनकर रह गया है।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की 2003 से 2008 के कार्यकाल के दौरान पर्यटन मंत्री रही उषा पूनिया कल भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा दे देंगी।फिलहाल किसी भी पार्टी में जाने की संभावनाओं से इनकार करते हुए उषा पूनिया ने कहा कि पार्टी में उनके कोई काम हो नहीं रहे हैं, इसलिए वह आहत है, उपेक्षित हैं और बेइज्जत महसूस कर रही है इसलिए पार्टी छोड़ रही हैं।

बीजेपी में जाट समाज की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए उषा पूनिया ने बताया कि साढे 4 साल से लगातार भारतीय जनता पार्टी में समाज की जबरदस्त उपेक्षा हुई है, जिसके कारण समाज आहत है । चुनाव का वक्त है और ऐसे वक्त में हम पार्टी को अपनी ताकत का एहसास कराएंगे।

एक सवाल के जवाब में उषा पूनिया ने कहा कि उनकी मां उनकी सास में कई वर्षों तक विधायक रहीं, लेकिन आज जो हालात हैं, वह किसी भी सूरत में पार्टी में बने रहने के लिए नहीं है।

उषा पुनिया ने कहा है कि कल पिंक सिटी प्रेस क्लब में पत्रकारों से मुखातिब होते वक्त वह भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे देंगे।
इससे पहले 4 दिन पहले ही भरतपुर के बीजेपी नेता डॉक्टर मोहन सिंह चौधरी ने भी पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा देकर कांग्रेस ज्वाइन कर ली थी।
कांग्रेस पार्टी ने दूसरे दल में जाने के बारे में पूछे जाने पर पूर्व पर्यटन मंत्री ऊषा पुनिया ने बताया कि वह किसी भी पार्टी में ज्वाइन नहीं कर रही है, और न ही आगामी विधानसभा के दौरान कहीं से चुनाव लड़ने जा रही हैं। वो केवल प्रदेश में बीजेपी की हार देखना चाहतीं हैं।

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