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पुलिस को सूचना दिए बिना WhatsApp ग्रुप भी नहीं बना सकते पत्रकार!

8th September 2018   ·   0 Comments

लखनउ।

यूपी में योगी सरकार राज में मीडिया पर शिंकजा कसने वाला एक फरमान जारी किया गया है। इस फरमान के तहत पत्रकार अब बिना पंजीकरण के मीडिया वॉट्सऐप ग्रुप के संचालन नहीं कर सकेंगे। अब इस पर रोक लगा दी गई है। दरअसल यह अजीबोगरीब फरमान ललितपुर जिला प्रशासन ने जारी किया है। जिला प्रशासन ने आदेश जारी करते हुए कहा कि जिले के पत्रकार सभी मीडिया वॉट्सऐप को सूचना विभाग के साथ रजिस्टर करवाएं, अन्यथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह और पुलिस कप्तान डॉ. ओपी सिंह द्वारा 25 अगस्त को लिखित में जारी किए गए इस फरमान में कहा गया है कि जिले का कोई भी पत्रकार बिना सूचना विभाग में पंजीकरण करवाए मीडिया वॉट्सऐप ग्रुप का संचालन नहीं कर सकता। आपको बता दें कि सूचना विभाग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास है।

लिखित आदेश के मुताबिक, ‘ग्रुप एडमिन को ग्रुप में जुड़े सभी सदस्यों की जानकारी देनी होगी। साथ ही ग्रुप एडमिन को आधार कार्ड की कॉपी, फोटो और अन्य जानकारियां उपलब्ध करानी होंगी। इसके साथ ही 31 अगस्त 2018 तक ग्रुप में कितने मेंबर जुड़े हैं, इसकी जानकारी भी रजिस्ट्रेशन फॉर्म में देनी होगी। आदेश में कहा गया है कि ग्रुप एडमिन की इजाजत के बिना कोई भी मेंबर नहीं जोड़ा जाएगा और यदि ग्रुप में किसी भी तरह का कोई आपत्तिजनक कंटेंट शेयर होता है तो इसके लिए भी ग्रुप एडमिन ही जिम्मेदार होगा। उसके खिलाफआईटी एक्ट के तहत कार्रवाई हो सकती है।’

गौरतलब है कि पिछले दिनों महरौनी कोतवाली के चौकी गांव में दो पक्षों में विवाद हो गया था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह के अफवाह फैलाए जा रहीं थीं। यह भी कहा जा रहा था कि कुछ फर्जी पत्रकार वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए इस अफवाह को फैला रहे थे। इसके बाद जिला प्रशासन ने फर्जी पत्रकारों पर नकेल कसने के लिए यह आदेश जारी किया है।

पत्रकारों के लिए जारी इस फरमान के बाद यह चर्चा का विषय बना हुआ है। वैसे तो यह फरमान सिर्फ ललितपुर जिले के पत्रकारों को दिया गया है, लेकिन इसे लेकर नाराजगी प्रदेशभर के पत्रकारों में उठने लगी है, क्योंकि पत्रकारों को इस बात का अंदेशा है कि यह निर्देश प्रदेश भर में लागू कराया जा सकता है।

वहीं दूसरी तरफ इस फैसले के बारे में उत्तर प्रदेश के सूचना विभाग के मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी का कहना है कि सरकार की ओर से इस तरह का कोई फैसला नहीं दिया गया है। अगर ललितपुर के डीएम ने इस तरह का कोई कोई निर्देश दिया है तो यह सिर्फ उस जिले तक ही सीमित है। राज्य सरकार इस मामले को देख रही है।whatsapp-new-vearsion-app

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