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मुख्यमंत्री की ‘राजस्थान गौरव यात्रा’ के बाद नहीं होंगे कोई भी सरकारी कार्यक्रम

5th September 2018   ·   0 Comments

जयपुर।

राजस्थान हाईकोर्ट ने आज एक फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की राजस्थान गौरव यात्रा के बाद ऐसे कोई भी सरकारी कार्यक्रम नहीं होंगे, जो कि वोटर्स को प्रभावित करते हो। एडवोकेट युवती भूषण शर्मा की याचिका पर फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ‘राजस्थान गौरव यात्रा’ के बाद किसी भी तरह का लाभार्थी संवाद नहीं कर सकती हैं।

गौरतलब है कि पिछले महीने राजस्थान गौरव यात्रा शुरू होने के बाद एडवोकेट विभूति भूषण शर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए कोर्ट से दरख्वास्त की थी, कि मुख्यमंत्री की राजनीति की यात्रा में सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है। उस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार व भारतीय जनता पार्टी से मुख्यमंत्री की यात्रा के खर्चे का ब्यौरा मांगा था।

हाई कोर्ट के आदेश के बाद भारतीय जनता पार्टी ने शपथ पत्र पेश करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की राजस्थान गौरव यात्रा पूरी तरह से राजनीति बताया था। भाजपा ने कहा कि सरकार केवल मुख्यमंत्री के द्वारा शिलान्यास और उद्घाटन कार्य ही सरकारी तौर पर किए जा रहे कार्यक्रमों का ही खर्चा वहन कर रही है। उसके अलावा मुख्यमंत्री राजे की राजस्थान गौरव यात्रा का सारा खर्चा BJP खुद वहन कर रही है।

इस अर्ज़ी पर सुनवाई करते हुए बुधवार को राजस्थान हाईकोर्ट ने इस मामले में अंतिम फैसला सुनाया। कोर्ट ने राजस्थान सरकार और भारतीय जनता पार्टी को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की राजस्थान गौरव यात्रा के बाद कोई भी सरकारी कार्यक्रम नहीं होंगे, केवल राजनीतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा सकते हैं। गौरतलब है कि मंगलवार में बुधवार को लगातार दो दिन तक राजस्थान सरकार ने जयपुर में अमरूदों के बाग में दो बड़े कार्यक्रम किये हैं। जिसके तहत पहले दिन अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सफाईकर्मी एवं दिव्यांगों के 114 करोड़ के ऋण माफी लाभार्थी कार्यक्रम किया गया है। इस मौके पर 35000 लोगों की एक आम सभा का आयोजन किया। इसके बाद बुधवार राज्य सरकार ने साल 2013 के बाद नियुक्त हुए करीब 50000 थर्ड ग्रेड शिक्षकों को अमरूदों के बाग में बुलाया। इस दौरान 33 जिलों के 33 शिक्षकों को ‘श्रीगुरुजी’ सम्मान से सम्मानित किया है। साथ ही 36 जनों को राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान प्रदान किया है।

अमरूदों के बाग में नहीं हो सकेंगे कोई भी रैली प्रदर्शन

राजस्थान हाई कोर्ट की एक अन्य बैंच ने बार काउंसिल राजस्थान के अध्यक्ष की मौखिक अर्ज़ी पर आदेश देते हुए कहा है कि विधानसभा विधानसभा के बाहर स्थित अमरूदों के बाग में कोई भी रैली, धरना, प्रदर्शन का आयोजन नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा है कि कोई भी राजनीतिक पार्टी, संगठन या सरकार अमरूदों के बाग में कोई आयोजन नहीं करेंगे। सरकार द्वारा इस तरह के आयोजन से बाहर किया जाए।

‘कौरव यात्रा’ पर हाई कोर्ट की फटकार, ये भाजपा की नैतिक पराजय

भारत वाहिनी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम तिवाड़ी ने राजस्थान हाई कोर्ट के ‘राजस्थान गौरव/कौरव यात्रा’ को लेकर दिये फैसले पर अपना स्टेटमेंट जारी करते हुए कहा कि राजस्थान हाई कोर्ट ने गौरव यात्रा को लेकर जो निर्णय सुनाया है, वो भारतीय जनता पार्टी की नैतिक पराजय है। इस फैसले से जिन लोगों ने राजस्थान की संपदा का मुख्यमंत्री की यात्रा के लिये उपयोग में लेने के निर्देश दिये थे, उनका पदों पर बने रहने का अधिकार समाप्त हो जाता है।

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