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देश की अर्थव्यवस्था को लैंड माइंस पर बैठाकर गई थी कांग्रेस सरकार:मोदी

1st September 2018   ·   0 Comments

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक’ (आईपीपीबी) को प्रारंभ करते हुए कहा है कि एक सितम्बर 2018 को देश के इतिहास में एक अभूतपूर्व सुविधा की शुरुआत होने के रूप में जरूर याद किया जाएगा। इसके साथ ही देशभर में सभी 1.55 लाख डाकघर 31 दिसंबर, 2018 तक आईपीपीबी प्रणाली से जुड़ जाएंगे। यह बात मोदी ने शनिवार को तालकटोरा स्थित स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कही।

मोदी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि 12 बड़े डिफॉल्टर, जिनको साल 2014 के पहले लोन दिया था, जिसकी राशि करीब पौने दो लाख करोड़ रुपए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई और उसके नतीजे दिखाई देने लगे हैं। इसी प्रकार 27 और बड़े लोन खाते हैं, जिनमें एक लाख करोड़ का एनपीए है। इसकी वापसी का भी इंतजाम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जिनको लग रहा था कि नामदार परिवार की सहभागिता और मेहरबानी से उनको मिले लाखों-करोड़ रुपए हमेशा-हमेशा के लिए उनके पास रहेंगे, हमेशा इनकमिंग ही रहेगी, अब उनके खाते से आउटगोइंग भी शुरू हो गई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारी ही सरकार एनपीए की सच्चाई, पिछली सरकार के इस घोटाले को देश के सामने लेकर आई। हमने केवल बीमारी का पता ही नहीं लगाया, बल्कि उसके कारण भी तलाशे और उस बीमारी को दुरुस्त करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम भी उठाए हैं, पिछले चार साल में 50 करोड़ से बड़े सारे लोनों की समीक्षा की गई है। मोदी ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि सरकार बनने के कुछ समय बाद ही हमें अहसास हो गया था कि कांग्रेस देश की अर्थव्यवस्था को एक लैंडमाइन पर बैठाकर गई है। उसी समय देश और दुनिया के सामने इसकी सच्चाई रख दी जाती, तो ऐसा विस्फोट होता कि अर्थव्यवस्था संभल नहीं पाती। बहुत सावधानी के साथ इस संकट से देश को बाहर निकाला गया।

मोदी ने कहा कि देश को अर्थव्यवस्था के आंकड़ों से भी मेडल मिला गया है, 8.2 फीसदी की दर से हो रहा विकास भारत की अर्थव्यवस्था की बढ़ती हुई ताकत को दर्शाता है। यह एक नए भारत की उज्ज्वल तस्वीर को सामने दिखाता है, जब देश सही दिशा में चलता है और नीयत ठीक होती है, तो ऐसे ही सकारात्मक परिणाम देखने को मिल जाते हैं। यह मुमकिन हुआ है 125 करोड़ देशवासियों की मेहनत और लगन के कारण, हमारे युवाओं, हमारी महिला शक्ति, हमारे किसानों, हमारे उद्यमियों, हमारे मजदूरों – ये सबकी मेहनत का नतीजा का परिणाम है।

मोदी ने बताया कि भारतीय डाक विभाग के पास डेढ़ लाख डाकघर हैं, तीन लाख से अधिक पोस्टमैन देश के जन-जन से जुड़े हुए हैं, इतने व्यापक नेटवर्क को टेक्नॉलॉजी से जोडक़र 21वीं सदी में सेवा का सबसे शक्तिशाली सिस्टम बनाने का बीड़ा हमने उठाया है। अब डाकिए के हाथ में स्मार्ट फोन है और बैग में एक डिजिटल डिवाइस भी रहेगा। उन्होंने बताया कि आईपीपीबी की देशभर में 650 शाखाएं और 3250 एक्सेस प्वाइंट हैं, जहां समानांतर रूप से शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं।

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