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डीवीएसी ने मद्रास हाई कोर्ट से कहा:मुख्यमंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले की प्रारंभिक जांच शुरू

24th August 2018   ·   0 Comments

 

चेन्नई. मुख्यमंत्री एडपाडी के. पलनीस्वामी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले की जांच के बारे में डीवीएसी ने मद्रास उच्च न्यायालय को बताया कि मामले की प्रारंभिक जांच गत 22 जून को शुरू कर दी गई है। गौरतलब है कि गुरुवार को डीएमके के संगठन सचिव आर. एस. भारती ने न्यायालय में याचिका दायर कर डीवीएसी को केस दर्ज कर मामले की जांच कराने के निर्देश देने की मांग की थी। शुक्रवार को केस की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने सरकारी वकील से पूछा कि प्रारंभिक जांच के लिए दो महीने से ज्यादा का समय क्यों लग रहा है? न्यायालय ने 3 सितंबर तक राज्य सरकार को डीवीएसी की कार्रवाई और सरकार की प्रतिक्रिया रिपोर्ट देने को कहा है।

भारती ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री जिनके पास राज्य के उच्चमार्ग मंत्रालय का प्रभार है, ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए ३,५०० करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले पांच हाइवे और उनकी मरम्मत का काम अपने रिश्तेदार की कंपनी को दिया है। इनमें से अधिकांश परियोजनाओं को वल्र्ड बैंक से आर्थिक मदद मिल रही है। पलनीस्वामी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने रिश्तेदार और बेनामी कंपनी को जो कॉन्ट्रेक्ट दिया है वह आपराधिक मामले की श्रेणी में आता है।भारती ने अपनी याचिका में यह भी कहा है कि ऐसे में मुख्यमंत्री के खिलाफ आईपीसी के भ्रष्टाचार अधिनियम की रोकथाम के तहत मामला बनता है जिसकी जांच की जानी चाहिए। इस मामले में मुख्यमंत्री के खिलाफ १३ जून को शिकायत दर्ज कराई गई थी लेकिन डीवीएसी द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसलिए अदालत में याचिका दायर कर डीवीएसी को केस दर्ज कर मामले की जांच कराने का निर्देश देने की मांग की गई। मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग- सीपीआई के राज्य सचिव मुत्तअरसन ने मामले की जांच निष्पक्ष कराने के लिए मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की। सीपीआई (एम) के राज्य सचिव ने डीवीएसी पर सवाल उठाया कि इस बात पर संदेह है डीवीएसी जांच करेगी और पलनीस्वामी को गिरफ्तार करेगी, इसलिए मुख्यमंत्री के साथ ही उपमुख्यमंत्री ओपीएस को भी अपने पद से त्यागपत्र दे देना चाहिए।

 

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