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पाकिस्तान: मंदिर में बने स्कूल में हिंदू बच्चों को पढ़ाती हैं मुस्लिम टीचर, सलाम के जवाब में बच्चे कहते हैं जय श्रीराम

22nd August 2018   ·   0 Comments

यहां के एक हिंदू मंदिर में स्कूल लगता है। टीचर अनुम आगा हिजाब पहनकर हिंदू बच्चों को पढ़ाती हैं। क्लास में दाखिल होते ही वे सलाम करती हैं। बच्चे इसका जवाब जय श्रीराम बोलकर देते हैं। मंदिर को हथियाने के लिए भू-माफिया कई बार धमकी दे चुके, लेकिन अनुम न डरीं और न ही अपने फर्ज से पीछे हटीं।मंदिर के आसपास बदहाल घरों में 80-90 हिंदू परिवार रहते हैं। पढ़ाने के बाद अनुम बच्चों से घर जाकर बात करती हैं। अनुम कहती हैं, जब मैं लोगों को मंदिर में चल रहे स्कूल के बारे में बताती हूं तो उन्हें हैरानी होती है। लेकिन हमारे पास दूसरी कोई जगह नहीं है जहां स्कूल चलाया जा सके। बच्चों की कक्षाएं मंदिर के जिस हिस्से में लगती हैं, वहां पास में ही देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं।

हिंदुओं को दी जा रहीं धमकियां

हिंदू समुदाय के नेता शिव धारणी कहते हैं,चार साल में दो घटनाएं हो चुकी हैं, जब हिंदुओं के घरों को जला दिया गया। उन्हें इलाका छोड़ने के लिए लगातार धमकाया जा रहा है।

हाल ही में प्रशासन ने हिंदुओं के घरों का बिजली-पानी का कनेक्शन भी काट दिया था। 1960 के दशक में सिंध के कबाइली इलाके घोटकी से कई हिंदू परिवार कराची आए थे। इसके बाद से ही यहां हिंदू-मुस्लिमों के बीच तनातनी बनी रहती है। कुछ वक्त पहले भी यहां तनाव हुआ था। तब एक मुस्लिम ने इलाके में मंदिर की जमीन पर मस्जिद बनाने का प्रस्ताव दिया था। एक मानवाधिकार कार्यकर्ता आरिफ हबीब कहते हैं, भू-माफिया मौलवियों को इस बात के लिए उकसाते रहते हैं कि हिंदुओं का मुस्लिमों के पड़ोस में रहना जायज नहीं है। हिंदुओं से हमें खतरा है। कुल मिलाकर भू-माफिया चाहते हैं कि हिंदू समुदाय, मंदिर वाली जमीन खाली कर देआरिफ ही अनुम को स्कूल में पढ़ाने के लिए लाए हैं।मुस्लिम, हिंदुओं को पास में नहीं रखना चाहते :

अनुम कहती हैं कि मंदिर के पास रहने वाले मुस्लिम नहीं चाहते कि वहां हिंदू रहें। वे उन्हें निचले दर्जे का समझते हैं। मैं स्कूल में पढ़ाने इसलिए जा रही हूं क्योंकि उन्हें अपने मूल अधिकारों के बारे में भी नहीं पता। उनके बच्चों को शिक्षा की जरूरत है। इलाके के हिंदू इस बात से खुश हैं कि उनके बच्चों और खासकर लड़कियों को पढ़ने के लिए दूर नहीं जाना पड़ता।

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