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16 सितम्बर से शुरु होंगे श्राद्धः जानें, कौन-सा श्राद्ध कब और कैसे करें

15th September 2016   ·   0 Comments

श्राद पक्ष 2016:हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अपने पूर्वज पितरों को पिण्डदान तथा तर्पण करने वाला हर व्यक्ति दीर्घायु, पुत्र-पौत्रादि, यश, स्वर्ग, लक्ष्मी, पशु, सुख साधन तथा धन-धान्य आदि की प्राप्ति करता है
हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अपने पूर्वज पितरों को पिण्डदान तथा तर्पण करने वाला हर व्यक्ति दीर्घायु, पुत्र-पौत्रादि, यश, स्वर्ग, लक्ष्मी, पशु, सुख साधन तथा धन-धान्य आदि की प्राप्ति करता है। यही नहीं पितृ की कृपा से ही उसे सब प्रकार की समृद्धि, सौभाग्य, राज्य तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस वर्ष श्राद्ध पक्ष 16 सितम्बर से शुरू हो रहा है जो 30 सितंबर तक चलेगा।

आश्विन कृष्ण पक्ष प्रतिपदा से अमावस्या तक के समय को श्राद्ध कहते हैं। पितृपक्ष में मृत पितृ धरती पर इसी आशा में आते हैं कि उनके वंशज पुत्र-पौत्र पिंड दान करके उन्हें संतुष्ट करेंगे। मृत्यु तिथि के दिन किए श्राद्ध को पार्वण श्राद्ध कहा जाता है। धर्म शास्त्र के अनुसार पितरों को पिंडदान तथा तर्पण करने वाला गृहस्थ दीर्घायु, यश को प्राप्त करने वाला होता है।
श्राद्ध पर्व 16 सितंबर शुक्रवार से शुरू होगा, इस दिन पूर्णिमा का श्राद्ध होगा।
17 सितंबर को प्रतिपदा तिथि का श्राद्ध, 18 सितंबर को द्वितीया तिथि का श्राद्ध, 19 सितंबर को तृतीया, चतुर्थी तिथि का श्राद्ध, 20 सितंबर को पंचमी तिथि का श्राद्ध, 21 सितंबर को षष्ठी तिथि का श्राद्ध, 22 सितंबर को सप्तमी तिथि का श्राद्ध, 23 सितंबर को अष्टमी तिथि का श्राद्ध, 24 सितंबर को नवमी तिथि का श्राद्ध, 25 सितंबर को दशमी तिथि का श्राद्ध, 26 सितंबर को एकादशी तिथि का श्राद्ध, 27 सितंबर को द्वादशी तिथि का श्राद्ध, 28 सितंबर को त्रयोदशी तिथि का श्राद्ध, 29 सितंबर को चतुर्दशी तिथि का श्राद्ध, 30 सितंबर को अमावस्या व सर्वपितृ श्राद्ध किया जाएगा

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