Filed Under:  EDUCATION NEWS

अगर आपके पास है Idea, तो यहां से मिल सकता है उसके लिए फंड

9th June 2016   ·   0 Comments

एजुकेशन डेस्क। एक ऐसा आइडिया जो दूसरों से अलग है, पहचान बनाने के लिए काफी होता है। लेकिन कई बार पैसों की कमी के चलते ऐसे आइडिया फ्लॉप हो जाते हैं। ऐसे में वे लोग जिनके पास आइडिया है लेकिन पैसा नहीं, वे क्राउडफंडिंग के जरिए खुद को कामयाब बना सकते हैं। इन दिनों टेक फील्ड में नए इनोवेशन के लिए क्राउडफंडिंग का काफी इस्तेमाल किया जा रहा है। क्या होती है क्राउडफंडिंग…

क्राउडफंडिंग एक प्रकार से डोनेशन जुटाने जैसा है। इसमें लोग अपने जानने वाले और अजनबियों से किसी प्रोजेक्ट के लिए डोनेशन जुटाने के लिए कहते हैं। आमतौर पर इसमें किसी खास मकसद या टेक रिलेटेड प्रोजेक्ट्स के लिए ही पैसा जुटाने की अपील की जाती है। यह डोनेशन इंटरनेट पर मांगा जाता है। यह ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। अगर आइडिया अच्छा है तो इसमें काफी पैसा भी मिल जाता है।
तीन तरह के एक्टर्स :
क्राउडफंडिंग में तीन तरह के एक्टर्स काम करते हैं। इसमें एक वो होता है, जो किसी आइडिया या प्रोजेक्ट के लिए पैसा जुटाने की कोशिश करता है। दूसरा उन व्यक्तियों का समूह या कम्यूनिटी होते है जो पैसा देते हैं। तीसरा और महत्वपूर्ण एक्टर वो वेबसाइट होती है, जिसे प्लेटफॉर्म बनाकर पैसा जुटाया जाता है। ये वेबसाइट अच्छे आइडिया को खुद प्रमोट भी करती हैं, जिससे पैसा जुटाने में आसानी हो जाती है। जुटाई गई राशि का 15 से 20 प्रतिशत हिस्सा ये वेबसाइट खुद रखती हैं।
आप भी जुटा सकते हैं अपने आइडिया के लिए ऐसे फंड :
अगर आप अपने किसी आइडिया के लिए क्राउडफंडिंग चाहते हैं, तो आपको ऐसी वेबसाइट पर विजिट करना होगा जो क्राउडफंडिंग का काम करती हैं (नीचे कुछ चुनिंदा वेबसाइट्स की लिस्ट दी जा रही है)। यहां पर आपको अपना रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। इन वेबसाइट्स पर जाकर अपना एक लॉग-इन आईडी बनाना होता है। साथ ही, अपने प्रोजेक्ट का सिनोप्सिस (संक्षेप में जानकारी) डालना होता है। आपको कितने फंड की जरूरत है, इस बात की भी जानकारी देनी होगी। आपके आइडिया को वेबसाइट प्रमोट करके लाखों यूजर्स तक पहुंचाती है।
www.kickstarter.com
www.ketto.org
www.crowdfunder.com
www.catapooolt.com
www.filmproposals.com
www.indiegogo.com
कैसे हो सकता है फायदा?
इस समय दुनियाभर में क्राउडफंडिंग दो तरह के मॉडल पर काम कर रही है। इसमें पहला है डोनेशन बेस्ड फंडिंग। क्राउडफंडिंग कॉन्सेप्ट का जन्म इसी मॉडल से हुआ है। इसमें लोग किसी अच्छे प्रोडक्ट या सर्विस के लिए पैसा दान करते हैं, ताकि बाद में उन्हें वह प्रोडक्ट मिल सके। क्राउडफंडिंग का दूसरा मॉडल है इंवेस्टमेंट क्राउडफंडिंग। यह आजकल सबसे अधिक चलन में है। इस तरह के मॉडल में पैसे देने वाला शख्स उस कंपनी या प्रोडक्ट में हिस्सेदारी ले लेता है और बाद में उसे रिटर्न प्रॉफिट के रूप में मिलता है।
कहां से आया यह आइडिया?
क्राउडफंडिंग का ट्रेंड पश्चिमी देशों से आया है। 2008 में रिसेशन के समय वहां पर फिल्ममेकर्स, आर्टिस्ट, म्यूजिशियन, इनोवेटर्स आदि को अपने प्रोजेक्ट के लिए पैसों की दिक्कत आई। ऐसे में उन्होंने इंटरनेट और सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म्स को पैसे जुटाने का माध्यम बनाया। अमेरिका की www.kickstarter.com वेबसाइट पहली सबसे पॉपुलर वेबसाइट बनकर 2009 में सामने आई।
एक माह में ही मिल गए थे एक करोड़ डॉलर:
स्मार्टवॉच की दुनिया में पेबल एक बड़ा नाम है। पेबल ने क्राउडफंडिंग के जरिए ही दुनिया को पहली स्मार्टवॉच दी। क्राउडफंडिंग वेबसाइट www.kickstarter.com पर इस स्मार्टवॉच प्रोजेक्ट को एक माह के अंदर ही एक करोड़ डॉलर की सहायता मिल गई थी और ये प्रोजेक्ट आगे बढ़ा था। यह तो मात्र एक उदाहरण है। आज लाखों प्रोजेक्ट को क्राउडफंडिंग के कारण आर्थिक मदद मिल रही है। इसमें उड़ने वाली कार से लेकर माइक्रो थ्रीडी प्रिंटर जैसे प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।

By

Readers Comments (0)


Comments are closed.

Latest Articles