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शोक सभा के लिये नगर निगम के सामुदायिक केन्द्रों का निःषुल्क प्रयोग कर सकेगे शहरवासी

18th June 2019   ·   0 Comments


कार्यकारी समिति में कर्मचारियों के स्थाईकरण सहित 22 प्रस्ताव अनुमोदित
जयपुर, 17 जून। नगर निगम के सामुदायिक केन्द्रों का प्रयोग शोक सभा (बैठक) आयोजन के लिये शहरवासी निःषुल्क कर सकेगे उन्हें केवल सफाई के लिये भुगतान करना होगा। मेयर विष्णु लाटा ने जैसे ही यह प्रस्ताव नगर निगम मुख्यालय के ईसी हाॅल में सोमवार को आयोजित कार्यकारी समिति की बैठक में रखा, सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से इसका अनुमोदन कर दिया।  मेयर लाटा ने कहा कि इससे आमजन को धूप एवं बरसात में कोई परेषानी नही होगी। बैठक में कुल 25 प्रस्ताव रखे गये जिनमें से 22 प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया एवं शेष को अगली बैठक के लिये अग्रेषित किया गया। 
कनिष्ठ सहायक कर्मचारियों के स्थाईकरण का अनुमोदन टंकण परीक्षा उत्र्तीण करने की शर्त पर किया गया। इसी प्रकार अन्य कर्मचारियों के स्थाईकरण के प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया। 

रंगीन होगा विवाह प्रमाण पत्रः- विवाह पंजीयन करवाने वालों को अब रंगीन प्रमाण पत्र दिया जायेगा इसके लिये हाई रिजोलेषन के कैमरे से फोटो खीची जायेगी ताकि दम्पत्ति की फोटो साफ आ सके। इसके लिये 100 रूपये का शुल्क देना होगा। इसी के साथ हैरिटेज संरक्षण के लिये नियुक्त सलाहकार संस्था द्रोणा द्वारा फसाड कन्ट्रोल के लिये बनाये गये ड्राफ्ट को अतिरिक्त मुख्य नगर नियोजक द्वारा प्रस्तुत किया गया जिसे बैठक में अनुमोदित किया गया। 
बैठक में नगर निगम हैरिटेज सैल में पूर्णकालिक सलाहकार की नियुक्ति के सम्बन्ध में प्रस्ताव रखा गया जिसे सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। इस दौरान अतिरिक्त आयुक्त अरूण गर्ग सहित नगर निगम की विभिन्न समितियों के चैयरमेन एवं निगम के आलाधिकारी उपस्थित रहे। 

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय हैरिटेज समिति की बैठक आयोजित
जयपुर, 17 जून। मुख्य सचिव डी.बी गुप्ता की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय हैरिटेज समिति की बैठक सोमवार को आयोजित की गई। बैठक में विधायक किशनपोल अमीन कागजी एवं विधायक हवामहल महेष जोषी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित हुये। बैठक में जयपुर शहर को यूनेस्को की वल्र्ड हैरिटेज सूची में शामिल करवाने के लिये अभी तक किये गये प्रयासों एवं प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में चाहरदिवारी की सुरक्षा, पार्किंग, निर्माण, हैरिटेज स्वरूप सहित चार दिवारी क्षेत्र के विभिन्न पहलूओं पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में इस बिन्दु पर सर्वसम्मति रही कि जयपुर शहर के हैरिटेज स्परूप को संरक्षित किया जावे। चार दिवारी क्षेत्र के विभिन्न बाजारों के फसाड कन्ट्रोल के संबंध में बनायी गई ड्राफ्ट गाईडलाईन प्रस्तुत की गई। बैठक में निर्देशित किया गया कि इसे जयपुर नगर निगम के सक्षम स्तर से अनुमोदित करवाया जावे। चार दिवारी क्षेत्र में हो रहे निर्माणों से हैरिटेज स्वरूप को होने वाले खतरे पर चिन्ता जाहिर की गई। विधायक महेश जोशी ने प्रस्ताव रखा कि उपयुक्त कानून बनाया जाकर चार दिवारी क्षेत्र को नो कंस्ट्रेक्शन जोन घोषित किया जावे ताकि जयपुर शहर के हैरिटेज लुक को अक्षुण्ण रखा जा सके। साथ ही विभिन्न बाजारों के बरामदों एवं रास्तों पर हो रहे अतिक्रमण के संबंध में भी जयपुर नगर निगम एवं पुलिस को संयुक्त एवं समन्वित कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि यूनेस्को के समक्ष जयपुर के पक्ष को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जावे तथा जयपुर के हैरिटेज स्वरूप को बनाये रखने के लिए सभी विभाग समन्वित कार्यवाही सुनिश्चित करें।  

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