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आदर्श सोसायटी स्कैम / टैक्सी ड्राइवर से 8 हजार करोड़ का ठग बना वीरू, काले रंग की रेंज रोवर में चलता था

31st May 2019   ·   0 Comments

जयपुर/सिरोही. आदर्श क्रेडिट सोसायटी घोटाले के जरिए 20 लाख निवेशकों से करीब 8 हजार करोड़ रु. ठगने वाला वीरेंद्र मोदी कभी टैक्सी चलाता था। इन दिनों एसओजी की 4×4 की हवालात में कैद वीरेंद्र का आदर्श नगर में 10 हजार वर्ग फीट का आलीशान बंगला भी है। इसमें स्विमिंग पूल और गार्डन के साथ-साथ एक हाई मास्क लाइट भी लगी है। ताज्जुब की बात ये है कि इस लाइट का बिल भी पहले नगर परिषद भरती थी। 
34 साल पहले… आदर्श प्रिंटर्स एंड स्टेशनर्स सोसायटी लि. से शुरुआत
34 साल पहले 1985 में आदर्श नाम की शुरुआत आदर्श प्रिंटर्स एंड स्टेशनरी को-अॅापरेटिव सोसायटी लिमिटेड से हुई थी। इसके बाद इस पर भी डीसीसीबी, माधव और आदर्श सोसायटी में बिना टेंडर के करोड़ों रुपए की स्टेशनरी सप्लाई करने के आरोप लगे थे। यहां तक की 2010 में हुई ऑडिट में भी यह खुलासा हुआ था कि क्रेडिट सोसायटी स्टेशनरी कहीं ओर से खरीदती थी और बिल प्रिटिंग सोसायटी का पेश करती थी, जिसके बाद इस पर आपत्ति जताई गई थी।
999 में सिरोही से शुरू हुई आदर्श क्रेडिट सोसायटी, 50 शाखाएं खुलीं
1999 में सिरोही से पहली बार आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी की शुरुआत की थी। इस समय प्रदेश में 50 शाखाएं खोली थीं और निवेशकों का करीब 7 से 8 करोड़ रुपया इनमें जमा था। इस दौर में जब पैराबैकिंग संस्थाएं जाने लगीं तो आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव ने भी अपने निवेशकों के सारे रुपए लौटाकर 8 महीने में इसे बंद कर दिया। 2005 में ये फिर अस्तित्व में आई।

एसओजी ने क्रेडिट साेसायटियाें पर दर्ज मामलाें की जानकारी मांगी
एसओजी ने सभी जिलाें में क्रेडिट साेसायटियाें पर दर्ज केस की जानकारी मांगी है। सभी जिला पुलिस अधीक्षकाें काे कहा है कि क्रेडिट साेसायटियाें व मल्टी स्टेट साेसायटियाें के खिलाफ दर्ज मामले एसअाेजी काे भेजेे। प्रदेश में 73 मल्टी स्टेट साेसायटियां व 45 क्रेडिट साेसायटियां हैं।

पहली पत्नी को दे चुका तलाक,  थाने में करीब 12 मामले दर्ज हैं

वीरेंद्र मोदी की पहली पत्नी शकुंतला से तलाक हो चुका है। उससे दो लड़के हैं। फिर बक्शा नाम की महिला से शादी की जिससे एक लड़की है। वीरेंद्र के खिलाफ सिरोही कोतवाली थाने में 12 मामले दर्ज हैं। इनमें कई जमीनों से लेकर दर्ज हैं।

हवालात में कैद मोदी कहता है ये जगह अस्पताल से अच्छी है

जिस हवालात में वीरेन्द्र काे रखा है उसके अागे कमरा बना है, जहां जवान रहते हैं। जवानाें के लिए कूलर लगा है। जिसकी ठंडी हवा हवालात तक पहुंचती है। एेसे में वीरेन्द्र जवानाें से यही कहता है कि एसएमएस के वार्ड से अच्छी हवालात है।

महंगे शौक रखता था वीरू

सिरोही शहर में लोग वीरेंद्र मोदी को वीरू मोदी के नाम से जानते हैं। महंगी गाड़ियों और पालतू जानवर रखने का शौक है। खुद की काले रंग की रेंज रोवर कार है। वीरेंद्र मोदी और मुकेश मोदी में राजनैतिक प्रतिस्पर्धा थी, जो कभी सामने नहीं आई। वह आदर्श ग्रुप के रियल एस्टेट का काम संभालता था जबकि मुकेश मोदी सोसायटी का पूरा काम देखता था। यहां तक वीरेंद्र मोदी पहले वसुधा एग्रो टेक, डेयरी, पॉवर प्लांट, मेडिकल और आरओ प्लांट जैसे कई व्यापार कर चुका है।

मनी पावर: कभी कैसेट रिकॉर्डर का काम करने वाले मोदी ने चपरासी को बना दिया नगर पालिका चेयरमैन

घाेटाले का मास्टरमाइंड वीरेंद्र मोदी खुद पहले कैसेट रिकाॅर्डर का काम करता था। जब कैसेट रिकाॅर्डर का काम बंद हाे गया ताे स्टेशनरी की दुकान खोली। उसने लंबे समय तक टैक्सी भी चलाई। वर्तमान चेयरमैन ईश्वर सिंह सिंघल और वीरेंद्र दोनों साथ में ही टैक्सी चलाते थे। 1988 में पहली  बार वह डीसीसीबी का निदेशक बना। इसके बाद इसी संस्था में उसके पिता चेयरमैन बने। बाद में उनकी मौत के बाद वीरेंद्र मोदी के भाई मुकेश मोदी ने कमान संभाली। 1999 में वीरेंद्र मोदी सिरोही नगर पालिका का चेयरमैन रहा। इस दौरान भी जमीनों में काफी घोटाले हुए। 2003 में जब ये सीट एससी की हुई तो अपने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सुखदेव को चेयरमैन बनाया। जबकि पूरा काम खुद देखता था।

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