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डीयू दाखिले में कम होगा अनावश्यक आवेदन का बोझ

13th April 2019   ·   0 Comments

बदलाव की तैयारी

नई दिल्ली .



डीयू में आवेदन करने वाले छात्र उसी विषय के लिए आवेदन कर पाएंगे जिसके लिए वे योग्य होंगे। अनावश्यक आवेदन के बोझ को कम करने के लिए डीयू इस पर काम कर रहा है। इसके लिए पोर्टल और सॉफ्टवेयर में बदलाव करने की तैयारी है। 

उदाहरण के लिए बीकॉम ऑनर्स में गणित पढ़ना आवश्यक है। पहले जो छात्र गणित नहीं भी पढ़ते थे वह भी इसके लिए आवेदन कर देते थे। लेकिन अब यदि बारहवीं में छात्र ने गणित नहीं पढ़ा है तो सॉफ्टवेयर उसे आवेदन की अनुमति नहीं देगा। 

बता दें कि विगत दिनों हुई बैठक के दौरान दाखिला समिति को इस संबंध में सुझाव मिला था। इसके लिये डीयू के कंप्यूटर सेंटर के अधिकारियों को आवश्यकतानुसार सॉफ्टवेयर बनाने के लिए कहा गया है। हालांकि  इसे अंतिम रूप दिये जाने में अभी समय लगने की बात कही जा रही है। 
हर साल तीन लाख नामांकन : दाखिला समिति से जुड़े एक अधिकारी का कहना है कि हर साल बड़ी संख्या में दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्र आवेदन करते हैं।

विगत वर्ष भी नामांकन करने वाले छात्रों की संख्या लगभग तीन लाख थी। लेकिन, कई आवेदन ऐसे आते हैं जो सभी विषयों के लिये किये गये होते हैं। इसमें भी कई ऐसे आवेदन होते हैं जिसकी योग्यता छात्र नहीं रखता है। ऐसे में हमारी कोशिश है कि अनावश्यक आवेदन के बोझ को कम किया जाए। इसके लिए ही यह कदम उठाए जा रहे हैं।

कुलपति के समक्ष हो चुकी है बैठक

दाखिला समिति और परीक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ डीयू कुलपति की बैठक विगत सप्ताह हो चुकी है। इस बैठक में दोनों अधिकारियों ने अपनी तैयारियों की जानकारी दी। इस दौरान दाखिला के समय छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो इससे जुड़े कुछ सुझाव भी कुलपति ने दिए।

भाषा के विषय को लेकर भी बदलाव की तैयारी

दिल्ली विश्वविद्यालय में कई विदेशी और आठवीं अनुसूची के तहत आने वाली भाषाएं पढ़ाई जाती हैं। लेकिन, कई कॉलेज ऐसे हैं, जहां पर इसकी पढ़ाई नहीं होती। कुछ कॉलेज ऐसे भी हैं, जहां अरबी या फारसी की पढ़ाई होती है। विश्वविद्यालय भाषा की पढ़ाई करने वाले छात्रों को लेकर भी नीति बना रहा है, ताकि मजबूरी में नहीं बल्कि भाषा के प्रति लगाव होने पर ही छात्र दाखिला लेकर पढ़ाई कर सके। डीयू के अधिकारियों का मानना है कि इससे परिणाम बेहतर होंगे।



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