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रेलमंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि ट्रेन-18 का नाम वंदे भारत एक्सप्रेस होगा और यह ट्रेन नई दिल्ली से वाराणसी के बीच चलेगी।

1st February 2019   ·   0 Comments

नई दिल्ली।

भारतीय रेलवे की एक नई पहचान बन चुका ट्रेन-18 अब वंदे भारत के नाम से जाना जाएगा। दरअसल रेलमंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि ट्रेन-18 का नाम वंदे भारत एक्सप्रेस होगा और यह ट्रेन नई दिल्ली से वाराणसी के बीच चलेगी। मालूम हो कि वारणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय निर्वाचन क्षेत्र है। पीयूष गोयल ने एक कार्यक्रम से इतर बताया, “हम इसे (ट्रेन-18) एक ऐसी विशेष पहचान देना चाहते थे जोकि भारत से जुड़ा हो और 125 करोड़ भारतीयों के लिए आदरणीय है। हमें लोगों से नाम को लेकर सुझाव मिले और मैं उन सबको धन्यवाद देता हूं।” उन्होंने कहा, “हमने एक नाम वंदे भारत एक्सप्रेस चुना है।

रेलमंत्री ने कहा, “यह नई दिल्ली और वाराणसी के बीच चलेगी और इसका पड़ाव कानपुर और प्रयागराज में होगा। यह एक मिसाल है कि मेक इन इंडिया इनिशिएटिव के तहत विश्वस्तरीय ट्रेनों का निर्माण करना संभव है।” उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा ट्रेन-18 के परिचालन का शुभारंभ करने के मकसद से समय मांगने के लिए रेलवे ने प्रधानमंत्री कार्यालय से संपर्क किया है, जोकि बजट के बाद फरवरी में मिल सकता है।

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200 किलोमीटर की रफ्तार से चलने में सक्षम

गौरलतब है कि ट्रेन-18 के किराये से लेकर अन्य जानकारी के संबंध में मीडिया रिपोर्ट आने के बाद नए नाम की घोषणा की गई है। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया था कि इस ट्रेन के एग्जिक्यूटिव क्लास का किराया 2,800 रुपये से 2,900 रुपये के बीच और चेयर कार का किराया 1,600 रुपये से 1,700 रुपये के बीच रहेगा। ट्रेन का निर्माण चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्टरी (आईसीएफ) में किया गया है। इसका परिचालन परीक्षण रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन (आरडीएसओ), लखनऊ की देखरेख में किया गया है। परीक्षण के दौरान ट्रेन का 180 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से परिचालन सफल रहा। यह ट्रेन अधिकतम 200 किलोमीटर की रफ्तार से चलने में सक्षम है।

 

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